गजरी की महुआ कुकीज़ को मिलेगी बाजार की नई पहचान, भोपाल प्रशिक्षण से बढ़े अवसर

अभिनव पहल

गजरी की महुआ कुकीज़ को मिलेगी बाजार की नई पहचान, भोपाल प्रशिक्षण से बढ़े अवसर

जंगल और गांवों में आसानी से उपलब्ध महुआ अब गजरी की महिलाओं के लिए सिर्फ पारंपरिक वन उपज नहीं, बल्कि बाजार में पहचान बनाने वाले उत्पाद का आधार बन रहा है। महिमा उत्पादक समूह द्वारा पहले से तैयार की जा रही महुआ कुकीज़ को अब बाजार की बदलती पसंद और मांग के अनुरूप और बेहतर बनाने की दिशा में पहल की गई है। इसी उद्देश्य से समूह की छह सदस्यीय टीम मंजू सिंह, कलावती साकेत, नॉन बाई सिंह, चंद्रावती साकेत, श्यामकली सिंह एवं गौरी साहू ने भोपाल में दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया।

प्रशिक्षण का आयोजन इंस्टीट्यूट ऑफ लाइवलीहुड रिसर्च एंड ट्रेनिंग संस्था एवं मध्य प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन, जिला पंचायत सीधी के सहयोग से संचालित ‘रिस्टोर फॉर हरित भारत’ परियोजना के अंतर्गत किया गया। प्रशिक्षण में महिलाओं को महुआ से तैयार होने वाली कुकीज़ की गुणवत्ता, स्वाद, विविधता और बाजार की जरूरतों के अनुरूप उत्पाद विकास की आधुनिक तकनीकों से परिचित कराया गया।

*बाजार की पसंद के अनुरूप उत्पाद में होगा निखार*

महिमा उत्पादक समूह की महिलाएं पहले से महुआ कुकीज़ तैयार कर रही हैं। भोपाल में मिले प्रशिक्षण का उद्देश्य उनके मौजूदा उत्पाद को और बेहतर बनाकर व्यापक बाजार की संभावनाओं से जोड़ना रहा।प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं ने महुआ के बेहतर प्रसंस्करण, उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने, स्वाद में विविधता लाने और उपभोक्ताओं की पसंद के अनुरूप कुकीज़ तैयार करने की बारीकियां सीखीं।

महिलाओं को आठ अलग-अलग वैरायटी की कुकीज़ तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। इससे समूह के पास अपने उत्पादों में विविधता लाने और अलग-अलग उपभोक्ता वर्गों की पसंद के अनुरूप उत्पाद विकसित करने के नए विकल्प उपलब्ध होंगे।

*प्रशिक्षण से बढ़ेगा आत्मविश्वास और व्यावसायिक अवसर*

परियोजना के सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट स्वामी शरण कुशवाहा एवं दीपांशी शर्मा ने महिलाओं को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं ने व्यावहारिक रूप से विभिन्न उत्पाद तैयार कर उनकी गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया को समझा।

भोपाल से लौटने के बाद महिलाएं अब सीखी गई तकनीकों को अपने गांव में पहले से चल रहे उत्पादन में शामिल करेंगी। इससे महुआ कुकीज़ के स्वरूप, स्वाद और गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार के साथ उन्हें बाजार के अनुरूप विकसित करने में मदद मिलेगी।

*स्थानीय उत्पाद से बाजार तक*

महुआ क्षेत्र का महत्वपूर्ण स्थानीय वन उत्पाद है। समूह द्वारा इसे खाद्य उत्पाद में मूल्यवर्धित कर बाजार से जोड़ने का प्रयास स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों को भी विस्तार देता है।

उत्पाद की गुणवत्ता और बाजार की जरूरतों को समझते हुए आगे बढ़ने से समूह के लिए नए बाजार तलाशने, ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाने और उत्पाद की बेहतर पहचान बनाने के अवसर विकसित होंगे। इस प्रक्रिया में महिलाएं केवल उत्पाद तैयार करने तक सीमित न रहकर मूल्यवर्धन और बाजार से जुड़ाव में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

*लखपति दीदी बनने की दिशा में बढ़ते कदम*

महुआ कुकीज़ को बाजार की मांग के अनुरूप विकसित करने और इसके विपणन का दायरा बढ़ाने से समूह की महिलाओं के लिए आय के नए अवसर बनने की संभावना है। कौशल, स्थानीय संसाधन और समूह आधारित उद्यम को बाजार से जोड़ने की यह पहल महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

महिमा उत्पादक समूह की महिलाओं के लिए भोपाल का प्रशिक्षण उनके पहले से चल रहे काम को नई तकनीकी समझ और बाजार की संभावनाओं से जोड़ने का अवसर बना है। आने वाले समय में यही प्रयास उनके उत्पाद को नई पहचान देने के साथ लखपति दीदी बनने की दिशा में उनकी आय बढ़ाने में सहायक हो सकता है।

ब्यूरो विमलेश द्विवेदी

9926349672

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Author: mpnews update

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